रुद्रप्रयाग। आस्था की कठिन यात्रा के बीच लापरवाही का एक पल बड़ा हादसा बन सकता था, लेकिन एसडीआरएफ की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई ने एक यात्री को नई जिंदगी दे दी। केदारनाथ यात्रा मार्ग के छोटी लिनचोली क्षेत्र में सेल्फी लेने के दौरान एक यात्री फिसलकर घायल हो गया, जिसे एसडीआरएफ टीम ने सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन मई को शाम 18:50 बजे पुलिस चौकी लिंचोली से एसडीआरएफ टीम को सूचना मिली कि छोटी लिनचोली क्षेत्र में कुछ यात्री फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम मुख्य आरक्षी मोहन सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई और दुर्गम व फिसलन भरे मार्ग के बावजूद तेजी से मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि एक यात्री बर्फ से ढके खतरनाक किनारे पर सेल्फी लेने के उद्देश्य से ऊपर चढ़ गया था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह फिसलकर घायल हो गया। जबकि अन्य यात्री सुरक्षित नीचे उतरने में सफल रहे।
एसडीआरएफ टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति तक पहुंच बनाई। मौके पर ही प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित नीचे लाया गया और छोटी लिनचोली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घायल यात्री की पहचान अनूप रैकवार (42 वर्ष), पुत्र जगदीश रैकवार, निवासी विदिशा, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा मार्ग पर अत्यधिक सावधानी बरतें और जोखिम भरे स्थानों पर सेल्फी लेने से बचें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमी बर्फ और फिसलन कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। सुरक्षित यात्रा के लिए नियमों का पालन और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।