श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, जोखिमपूर्ण मार्ग पर आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित, बैरिकेडिंग और कड़ी निगरानी के निर्देश,
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और एहतियाती निर्णय लिया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों एवं आमजन के आवागमन को तत्काल प्रभाव से पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय यात्रियों के जीवन एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा अधिशासी अभियंता, डी.डी.एम.ए. गुप्तकाशी को निर्देशित किया है कि प्रतिबंध का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यक्ति को निर्माणाधीन मार्ग से आवाजाही की अनुमति न दी जाए।
प्रशासन के अनुसार उक्त पैदल मार्ग पर निर्माण कार्य अभी जारी है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित अथवा उपयोग के लिए उपयुक्त स्थिति में नहीं है। लगातार हो रही वर्षा तथा पर्वतीय क्षेत्र की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने, ढलानों के खिसकने और अन्य प्राकृतिक जोखिमों की आशंका बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में इस मार्ग पर यात्रियों की आवाजाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाना आवश्यक था।
प्रशासन को स्थानीय व्यापारियों, टेंट संचालकों एवं अन्य हितधारकों की ओर से लगातार सुरक्षा संबंधी सुझाव एवं शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। संबंधित लोगों द्वारा निर्माणाधीन और संवेदनशील मार्ग पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की जा रही थी। इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करने के बाद प्रशासन ने जनहित में यह निर्णय लिया।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंधित मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग स्थापित की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। पुलिस विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण संयुक्त रूप से निगरानी करेंगे ताकि कोई भी यात्री अनजाने में या जानबूझकर इस निर्माणाधीन मार्ग का उपयोग न कर सके।
डीएम का संदेश: सुरक्षित मार्गों से ही करें यात्रा,
रूद्रप्रयाग। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा केवल अधिकृत और सुरक्षित मार्गों से ही केदारनाथ यात्रा करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है और सुरक्षित यात्रा के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं,
रूद्रप्रयाग। लगातार खराब मौसम, भूस्खलन की आशंका और निर्माण कार्य की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माणाधीन भीमबली-गरुड़चट्टी-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लगाया गया यह प्रतिबंध संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।