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मोबाइल की बढ़ती लत पर जताई चिंता, बच्चों को स्क्रीन से दूरी रखने की सलाह, विश्व दृष्टि दिवस पर नेत्र जांच शिविर, 110 ग्रामीणों की आंखों की जांच

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18 लोगों में मिला मोतियाबिंद, 36 ग्रामीणों को बांटे गए निःशुल्क चश्मे,

 

रुद्रप्रयाग। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में नेत्र जांच एवं नेत्र सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कुल 110 ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई, जिनमें 18 लोग मोतियाबिंद से ग्रसित पाए गए। वहीं, 36 ग्रामीणों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इस दौरान आयोजित जागरूकता सत्रों में बच्चों और युवाओं में मोबाइल, कंप्यूटर तथा अन्य डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई।

 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयल के निर्देशन में अगस्त्यमुनि ब्लॉक के पंचभैयाखाल में आयोजित शिविर में 26 लोगों की नेत्र जांच की गई, जिनमें दो बच्चों में दृष्टिदोष पाया गया।

 

ऊखीमठ ब्लॉक के ग्राम मनसूना में विवेकानंद नेत्रालय के सहयोग से आयोजित शिविर में 33 लोगों की जांच की गई। इनमें 25 लोगों को दवाएं तथा पांच लोगों को चश्मे वितरित किए गए। जांच में नौ ग्रामीणों में मोतियाबिंद पाया गया, जिनका शीघ्र ऑपरेशन कराया जाएगा।

 

जखोली ब्लॉक के मेदनपुर में आयोजित शिविर में 51 लोगों की नेत्र जांच हुई। इनमें 46 लोगों को दवाएं और 31 को चश्मे वितरित किए गए। जांच के दौरान नौ ग्रामीणों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई।

 

जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि मोबाइल आज जरूरत बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और अनियंत्रित इस्तेमाल आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषकर बच्चों में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और लगातार स्क्रीन देखने की आदत चिंता का विषय है। घंटों मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है। अभिभावकों से बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की अपील की गई।

 

विशेषज्ञों ने स्वस्थ दृष्टि के लिए संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन, नियमित नेत्र जांच और आंखों की उचित देखभाल पर जोर दिया। धूम्रपान से बचने, दृष्टि कमजोर होने, आंखों में खुजली, जलन या संक्रमण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा आंख में कोई बाहरी वस्तु पड़ने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई। बिना चिकित्सकीय सलाह के आंखों में किसी भी प्रकार की दवा न डालने की अपील भी की गई।

 

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से दृष्टि संबंधी कई समस्याओं का प्रभावी उपचार संभव है। सरकारी चिकित्सालयों में मोतियाबिंद का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, शिकायत या परामर्श के लिए निःशुल्क हेल्पलाइन 104 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

कार्यक्रम में दृष्टिमितिज्ञ जिला चिकित्सालय राजेश पुरोहित, विवेकानंद नेत्रालय के हनुमंत पंवार, सौरभ बर्तवाल, सौरभ रावत, बृजेश, राकेश कुंवर, अनूप पंवार, त्रिलोक जोशी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।