रीप परियोजना के तहत केंद्र स्थापित, संग्रहण से ग्रेडिंग, छंटाई और विपणन तक मिलेगी सुविधा,
रुद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली में स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्राम्य विकास एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) से वित्त पोषित ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (आरईएपी) के तहत जय रुद्रनाथ सीएलएफ संग्रहण केंद्र एवं कार्यालय का उद्घाटन किया।
संग्रहण केंद्र के संचालन से क्षेत्र में उत्पादित कृषि एवं अन्य ग्रामीण उत्पादों के संग्रहण, गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकरण, छंटाई और विपणन की व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय उत्पादकों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा। साथ ही उत्पादों के मूल्य संवर्धन और आय में वृद्धि के अवसर भी बढ़ेंगे।
उद्घाटन अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को संगठित बाजार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आरईएपी परियोजना के माध्यम से महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संग्रहण केंद्र में स्थानीय स्तर पर उत्पादों को एकत्र करने के बाद उनकी गुणवत्ता के अनुसार वर्गीकरण और छंटाई की जाएगी। इसके पश्चात उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से बाजार तक पहुंचाया जाएगा। इससे उत्पादकों को विपणन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जय रुद्रनाथ सीएलएफ संग्रहण केंद्र के शुरू होने से क्षेत्र के ग्रामीण उत्पादों को संगठित बाजार मिलने, उत्पादों में मूल्य संवर्धन बढ़ने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह पहल स्थानीय संसाधनों को आजीविका और उद्यमिता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

