फायर टीम ने अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण,
आपातकालीन निकास मार्गों की भी जांच
रुद्रप्रयाग। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा प्रबंधों और आपातकालीन निकास मार्गों की जांच की गई। साथ ही नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए संचालित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशों पर जनपद के विभिन्न संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में अग्निशमन अधिकारी फायर स्टेशन रुद्रप्रयाग शंकर चंद रमोला के नेतृत्व में फायर टीम जिला चिकित्सालय पहुंची। टीम ने अस्पताल परिसर का अग्नि सुरक्षा ऑडिट करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी स्थिति, अग्नि सुरक्षा से संबंधित प्रबंधों, आपातकालीन निकास मार्गों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। विशेष रूप से एसएनसीयू का निरीक्षण किया गया, जहां नवजात शिशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध इंतजामों का जायजा लिया गया। एसएनसीयू संवेदनशील इकाई होने के कारण यहां अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को विशेष महत्व दिया गया।
कर्मचारियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
रुद्रप्रयाग। निरीक्षण के दौरान फायर टीम ने चिकित्सालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों, तत्काल की जाने वाली कार्रवाई और अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल की जानकारी दी गई। इसके साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक घटना के दौरान अस्पताल कर्मचारी शुरुआती स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
फायर टीम ने अस्पताल प्रबंधन को अग्निशमन उपकरणों को सदैव क्रियाशील रखने और आपातकालीन निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखने के महत्व से भी अवगत कराया। पुलिस की ओर से जनपद के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों से अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने, सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराने और कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने की अपील की गई है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। खासकर एसएनसीयू और अन्य चिकित्सा इकाइयों में भर्ती मरीजों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम और कर्मचारियों की तैयारी आवश्यक है।

