फाटा। केदारघाटी के गांवों में अवैध शराब की बढ़ती बिक्री से आक्रोशित महिलाओं ने अब मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को न्यालसू और सीतापुर की महिलाओं ने रामपुर मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन करते हुए जागरूकता रैली निकाली। महिलाओं ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र में शराब की अवैध आपूर्ति बंद नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
रैली के दौरान महिलाओं ने 'नशामुक्त हो गांव हमारा' के नारों के साथ अपना संदेश दिया। महिला मंगलदल अध्यक्ष (न्यालसू) संध्या देवी ने कहा कि केदारघाटी के लगभग हर गांव में अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठ रही है, लेकिन इसके बावजूद गांवों तक शराब पहुंच रही है। उन्होंने व्यथा साझा करते हुए कहा कि शराब की इस लत से आज कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं और घरों में महिलाएं सबसे ज्यादा मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेल रही हैं। इस दौरान महिला मंगलदल अध्यक्ष प्रमिला देवी, उपाध्यक्ष बबीता देवी, लीला देवी, ललीता देवी, रूक्मणी देवी, नीमा देवी, अनिता देवी, कुंवरी देवी, सुनीता, रेखा, कुसुम, अंजना, कविता, आशा देवी सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
शादी-समारोहों में पूर्ण शराबबंदी का संकल्प
फाटा। ग्राम प्रधान न्यालसू, बबीता देवी ने बताया कि पूर्व में भी गांव में बैठक कर सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया था कि शादी-समारोहों या किसी भी अन्य सार्वजनिक आयोजन में शराब का सेवन और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी संकल्प को दोहराने और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए आज पुनः महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश दर्ज किया है।
प्रशासन से भी की जा चुकी है शिकायत
फाटा। महिलाओं का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर पूर्व में कोतवाली सोनप्रयाग में भी ज्ञापन दे चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से अवैध धंधेबाजों के हौसले बुलंद हैं।