श्रीनगर।
राजीव गांधी सेवा केन्द्र पाव (अकरी) में पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल सिंह बुटोला की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत पाव अकरी में एक महत्वपूर्ण जनसभा आयोजित की गई। यह बैठक न्याय पंचायत सेमला के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्र से जुड़ी गंभीर और लंबे समय से लंबित जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूर्व में शासन को सौंपे गए ज्ञापन के अनुरूप न्यूनी पेयजल योजना का पुनर्गठन तत्काल किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि अकरी–बारजूला पेयजल पम्पिंग योजना के तहत क्षेत्र में पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण पेयजल संकट के कारण क्षेत्र में लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
इसके साथ ही बैठक में सेल (लोक) से मढूठ गांव तक मोटर मार्ग निर्माण की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क के अभाव में मरीजों, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व जिपं सदस्य महिपाल सिंह बुटोला ने कहा कि इन सभी समस्याओं और योजनाओं को लेकर बीते कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन-प्रशासन को लगातार पत्राचार किया जाता रहा है, लेकिन आज तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। शासन और प्रशासन की इस लगातार अनदेखी से क्षेत्रीय जनता में भारी जनाक्रोश पनप चुका है।
बैठक में जनता ने निर्णय लिया कि यदि अब भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 10 फरवरी से पाव (अकरी) में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि अनशन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे मजबूर होकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
इस बैठक में अकरी–बारजूला संघर्ष समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। प्रमुख रूप से कुंजकृष्ण डंगवाल, अंजली देवी, राकेश कोहली, महिपाल सिंह बुटोला, प्रेम सिंह नेगी, सजसदेव डंगवाल, राजेन्द्र कोहली, सुशील चन्द्र सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने भाग लिया।