Jun 09, 2026

उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाला वैज्ञानिक, आईआईटी जोधपुर में डॉ. शुभम चमोला को मिला सर्वोच्च सम्मान, बसुकेदार से वैज्ञानिक दुनिया तक

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डॉ. शुभम चमोला ने जीता सी.वी. रमन गोल्ड मेडल,

रुद्रप्रयाग के लाल का कमाल, IIT जोधपुर में मिला देश का प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मान

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की पर्वतीय वादियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले युवा वैज्ञानिक डॉ. शुभम चमोला ने एक बार फिर प्रदेश का मान बढ़ाया है। जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र अंतर्गत कौशलपुर गांव निवासी डॉ. शुभम चमोला को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के 12वें दीक्षांत समारोह में समग्र विज्ञान (साइंसेज) के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रतिष्ठित “सी.वी. रमन गोल्ड मेडल” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अध्यक्ष एवं प्रख्यात अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भबानी कुमार सतपथी सहित संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।

डॉ. शुभम चमोला राजकीय इंटर कॉलेज, चंद्रापुरी में अंग्रेजी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत ओमप्रकाश चमोला के सुपुत्र हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. शुभम ने अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का वातावरण है तथा स्थानीय लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।

डॉ. शुभम का शोध कार्य ऊर्जा विज्ञान और सतत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका प्रमुख अनुसंधान सौर ऊर्जा के संग्रहण तथा ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को अधिक प्रभावी, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर केंद्रित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि उनका शोध भविष्य की हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा तथा जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक सिद्ध होगा।

अपने शोधकाल के दौरान डॉ. शुभम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नलों में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिन्हें वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय द्वारा सराहा गया है। उन्हें प्रतिष्ठित कॉमनवेल्थ फेलोशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त छात्र जीवन से ही उनकी शैक्षणिक प्रतिभा लगातार परिलक्षित होती रही है और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें भारत सरकार की प्रतिष्ठित इंस्पायर स्कॉलरशिप एवं फेलोशिप भी प्राप्त हुई है।

डॉ. शुभम चमोला ने यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस सहित विभिन्न देशों में आयोजित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलनों में अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए हैं। उनकी वैज्ञानिक प्रस्तुतियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक उपयोगिता के लिए विशेष सराहना मिली तथा उन्हें चार बार “बेस्ट प्रेजेंटेशन अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम स्थित विश्वप्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में लगभग एक वर्ष तक उन्नत ऊर्जा प्रौद्योगिकी एवं सौर ऊर्जा आधारित समाधानों पर शोध कार्य किया, जहां उन्हें अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और वैश्विक स्तर की प्रयोगशालाओं में कार्य करने का अवसर मिला।

अपनी उपलब्धि पर डॉ. शुभम चमोला ने कहा कि पीएचडी की यात्रा में अनगिनत प्रयोग, अनेक चुनौतियां, असफलताओं से सीखने का अनुभव और निरंतर परिश्रम शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान वर्षों की मेहनत, समर्पण और वैज्ञानिक जिज्ञासा का परिणाम है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि डॉ. शुभम चमोला की सफलता उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं। डॉ. शुभम चमोला की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और जनपद रुद्रप्रयाग के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव, सम्मान और प्रेरणा का विषय है। वैज्ञानिक समुदाय को उनसे भविष्य में और भी महत्वपूर्ण शोध एवं नवाचारों की उम्मीद है, जो समाज, विज्ञान और पर्यावरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।