Jun 09, 2026

चारधाम यात्रा में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, 21 खाद्य नमूने जांच को भेजे, नियम तोड़ने वालों पर लाखों की कार्रवाई की तैयारी

post-img

रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान छेड़ दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा मार्ग पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार छापेमारी करते हुए अब तक 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर 17 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों एवं जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री लेकर आने वाले वाहनों तक की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि श्रद्धालुओं की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सहायक आयुक्त एवं जिला अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा मनोज सेमवाल ने बताया कि जांच के लिए भेजे गए नमूनों में पनीर, दूध, घी, मसाले, आटा, बेसन, खाद्य तेल, सॉस, मुरब्बा और बिस्कुट सहित कई खाद्य उत्पाद शामिल हैं। इनकी रिपोर्ट राज्य खाद्य एवं औषधि विश्लेषणशाला रुद्रपुर से प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंदगी, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का भंडारण, संदिग्ध गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग तथा बिना लाइसेंस कारोबार जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन मामलों में अब तक 17 खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा द्वारा पांच मामलों में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में वाद भी दायर किए गए हैं। वहीं न्यायालय द्वारा तीन मामलों का निस्तारण करते हुए दो प्रतिष्ठानों पर 25-25 हजार रुपये तथा एक प्रतिष्ठान पर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

प्रशासन ने साफ किया है कि चारधाम यात्रा मार्ग पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।