रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को रुद्रप्रयाग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को IRCTC एजेंट बताकर यात्रियों को विशेष दर्शन कराने का लालच देता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस के अनुसार 8 जून 2026 को केदारनाथ पुलिस चौकी को सूचना मिली कि चिराग नामक व्यक्ति एक स्थानीय सहयोगी और होटल संचालक के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को वीआईपी दर्शन कराने का झूठा आश्वासन दे रहा है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने 10 यात्रियों के एक समूह से प्रति व्यक्ति 3,000 रुपये के हिसाब से कुल 30,000 रुपये ऐंठ लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केदारनाथ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को धाम परिसर से हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से धोखाधड़ी से प्राप्त 5,000 रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था।
इस संबंध में कोतवाली सोनप्रयाग में मुकदमा अपराध संख्या 26/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) एवं 317(2) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। वैधानिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिराग पुत्र चुन्नी लाल, निवासी ग्राम बतल, पोस्ट भामला, थाना बल्दवाड़ा, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और पुलिस द्वारा विवेचना जारी है।
श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील
रुद्रप्रयाग पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे वीआईपी दर्शन, विशेष सुविधा या किसी भी प्रकार की यात्रा व्यवस्था के नाम पर अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं। दर्शन एवं यात्रा संबंधी सभी सेवाओं के लिए केवल अधिकृत और सरकारी माध्यमों का ही उपयोग करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी अथवा आपातकालीन नंबर 112 पर दें।
केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को ठगने वालों पर पुलिस की सख्त नजर है और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी है।